
सरोल (चंबा)। मंडी के लारजी में हुए हादसे के बाद भी जिला प्रशासन ने सबक नहीं किया है। प्रशासन रावी नदी के लिए जाने वाले छोटे रास्ते बंद नहीं करवा पाया है। इससे पर्यटक व स्थानीय लोग आसानी से रावी नदी के तटों पर जा रहे हैं। ऐसे में हर समय अप्रिय घटनाओं को अंदेशा बना हुआ है। बीते दिनों रावी नदी पर बने प्रोजेक्टों ने भी बरसात के आगमन के चलते रावी नदी के किनारे न जाने की चेतावनी जारी की है। साथ ही मवेशियों को भी नदी के तटों पर न ले जाने की बात कही है। तड़ोली, उदयपुर, परेल, सिद्धपुरा, नखली, राजपुरा, कियाणी के पास रावी नदी को जाने वाले छोटे रास्ते प्रशासन ने बंद नहीं करवाए हैं। इससे लोग रावी के किनारे जा रहे हैं। इन्हीं रास्तों से कुछ लोग रेत के अवैध खनन के लिए बैखोफ होकर रावी के किनारों पर उतर रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने संवेदनशील स्थान परेल व तड़ोली के पास हाल ही में बड़े-बड़े चेतावनी बोर्ड स्थापित किए हैं। चेतावनी बोर्ड को नजरअंदाज कर कुछ पर्यटक रावी के किनारे उतर रहे हैं और अपनी जान को जोखिम में डाल रहे हैं। स्थानीय लोगों राहित ठाकुर, अमित कुमार, दलजीत सिंह, मनीत कुमार, धीरज कुमार, विनोद कुमार ने बताया कि प्रशासन को रावी नदी के किनारे उतरने वाले रास्ते तुरंत बंद किए जाएं।
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रास्तों को बंद करने के लिए लगाई जाएगी तार
एसडीएम बचन सिंह ने बताया कि नदी के किनारे बने अवैध रास्तों को जल्द बंद करवा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अवैध रास्तों को बंद करने के लिए एनएचपीसी को तार लगाने के निर्देश दिए गए हैं। रेत निकालने के कुछ रास्तों के संबंध में चर्चा की जा रही है।
